2.3.13

वेद और पुराण में भी है मुहम्मद सल्ल. के आने की भविष्यवाणी

शायद आप यह बात जानकर हैरत करें लेकिन सच्चाई यही है कि वेदों और पुराणों में पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. के आगमन से बरसों पहले उनके आने की भविष्यवाणी की गई है।
मुहम्मद सल्ल0 अरब में छठी शताब्दी में पैदा हुए, मगर इससे बहुत पहले उनके आगमन की भविष्यवाणी वेदों में की गई  हैं। महाऋषि व्यास के अठारह पुराणों में से एक पुराण ‘भविष्य पुराण’ हैं। उसका एक श्लोक यह हैं:
‘‘एक दूसरे देश में एक आचार्य अपने मित्रो के साथ आयेंगे। उनका नाम महामद होगा। वे रेगिस्तान क्षेत्र में आयेंगे।     (भविष्य पुराण अ0 323 सू0 5 से 8)
स्पष्ट रूप से इस श्लोक और सूत्र मे नाम और स्थान के संकेत हैं। आने वाले महान पुरूष की अन्य निशानियॉ यह बयान हुई हैं।
पैदाइशी तौर पर उनका खतना किया हुआ होगा। उनके जटा नही होगी। वह दाढ़ी रखे हुए होंगे। गोश्त खायेंगे। अपना संदेश स्पष्ट शब्दो मे जोरदार तरीके से प्रसारित करेंगे। अपने संदेश के मानने वालों को मुसलाई नाम से पुकारेंगे।                       (अध्याय 3 श्लोक 25, सूत्र )
इस श्लोक को ध्यान पूर्वक देखिए। खतने का रिवाज हिंदुओं में नही था। जटा यहॉ धार्मिक निशान था। आने वाले महान पुरूष अर्थात मुहम्मद सल्ल0 के अन्दर ये सभी बाते स्पष्ट रूप से पाई जाती हैं । फिर इस संदेश के मानने वालो के लिए मुसलाई का नाम हैं। यह शब्द मुस्लिम और मुसलमान की ओर संकेत करता है।
 अथर्व वेद अध्याय 20 में हम निम्नलिखित श्लोक देख सकते हैं•
हे भक्तो! इसको ध्यान से सुनो। प्रशंसा किया गया, प्रशंसा किया जाने वाला वह महामहे ऋषि साठ हजार नब्बे लोगो के बीच आयेगा।
मुहम्मद के मायने हैं जिसकी प्रशंसा की गई हो। आप स0 की पैदाइश के समय मक्का की आबादी साठ हजार थी।
वे बीस नर और मादा ऊटो पर सवारी करेंगे। उनकी प्रशंसा और बड़ा स्वर्ग तक होगी। उस महा ऋषि के सौ सोने के आभूषण होंगे।
ऊट पर सवारी करने वाले महा ऋषि को हम भारत में नही पाते।
अत: यह संकेत मुहम्मद स0 ही की ओर हैं। सौ सोने के आभूषण से अभिप्रेत हबशा की हिजरत में जाने वाले आप सल्ल0 के सौ प्राणोत्सगी मित्र हैं।
  दस मोतियों के हार, तीन सौ अरबी घोड़े , दस हजार गाये उनके यहॉ होगी।
दस मोतियों के हार से संकेत आप स0 के उन दस मित्रों की ओर हैं जिन्हे दुनिया ही मे जन्नत की खुशखबरी दी ग
बद्र की लड़ा  में हिस्सा लेने वाले 313 सहाबा को तीन सौ अरबी घोड़ो की उपमा दी ग हैं। दस हजार गायों से अभिप्रेत यह हैं कि आप सल्ल0 के अनुयायियों की संख्या बहुत अधिक होगी।

  कुरआन मजीद नबी सल्ल0 को ‘जगत के लिए रहमत’ के नाम से याद करता हैं।
 ऋग्वेद मे भी हैं:
रहमत का नाम पाने वाला, प्रशंसा किया हुआ दस हजार साथियों के साथ आएगा।           
                                                                                                               (मंत्र 5 सूत्र 28)
इसी तरह वेद में महामहे और महामद के नाम से भी आप स0 के आगमन का उल्लेख हैं.

पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. के बारे में कई भारतीय धर्मग्रंथों में भविष्यवाणी की गई है। इसके लिए आप डॉ. एम.ए. श्रीवास्तव की पुस्तक 'हजरत मुहम्मद और भारतीय धर्मग्रंथ' जरूर पढें।

5 टिप्पणियाँ:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

इस ख़बर से सबको शान्ति मिलेगी और आपसी एकता बढेगी.
हिन्दुओं और मुसलमानों को लिबास और ख़ान पान अलग करता था. अब सबके बच्चे एक जगह पढ़ते हैं और एक सा ही खाते हैं. 25-30 साल में नई नस्ल आ जायेगी .
बाक़ी भेद भी खतम हो जायेंगे.

बेनामी ने कहा…

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Rohit pal ने कहा…

I AGREE WITH U Dr. JAMAL

बेनामी ने कहा…

you all are crack there is no reference of muhammad in our any puran, veda, kavya etc.

If you think that there is any reference of muhammad that means you are poor and you are manipulating our religious literature.

Get well soon son. :)

बेनामी ने कहा…

--shylok from bhavishya puraana----

mahamadh ithi khayat, shishya-sakha-samniviyath 5
....... mahadev marusthal nivasinam.
mahadevthe snanya-pya punch-gavua samnivithya
tripurarsur-nashav bahu-maya pravathiney 7
malech-dharma shav shudhaya sat-chit-anandaya swarupye,
thva ma hei kinkare vidhii sharanaghatham 8
suta uvacha: ithi shurthiya sthav deva shabadh-mah nupaya tam,
gath-vaya bhojraj-ney mahakhaleshwar-sthale 9
malech-shu dhushita bhumi-vahika nam-vishritha
arya dharma hi nav-vathra vahike desh-darunya 10
vamu-vatra maha-mayi yo-sav dagdho myaa pura
tripuro bali-daithyane proshith punaragath 11
ayoni sa varo math prasava daithyo-vrudhan
mahamadh ithi khayath , paishacha-kruthi thathpar 12
nagathvaya thvya bhup paisachae desh-vartake
math prasadhayane bhupal tav shudhii prajayathe 13
thi shruthva nupshav svadesha-napu maragmath
mahamadh toi sdhav sindhu-thir mupaye-yav 14
uchav bhupati premane mahamadh-virshad
tva deva maharaja das-tva magath 15
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ithi shruthya ththa hata para vismaya-magath16
malechdhano mathi-shasi-tatsaya bhupasaya darutho17
tucha tva kalidas-sthu rusha praah mahamadham
maya-thei nirmithi dhutharya nush-mohan-hethvei 18
hanishyami-duravara vahik purusha-dhamum
ityak va sa jidh shrimanava-raja-tathpar 19
japthya dush-sah-trayach tah-sahansh juhav sa
bhasm mutva sa mayavi malech-dev-tva-magath 20
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guhitva svaguro-bhasm madaheen tva-magatham 21
swapiit tav bhu-ghyot-thro-shrumadh-tathpara
madaheen puro jath thosha trith sayam smurthaum 22
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paisacha deha-marathaya bhojraj hi so trivith 23
arya-dharmo hei to raja-sarvoutham smurth
ishapraya karinayami paishacha dharma darunbhu 24
linga-chedri shikhaheen shamshu dhaari sa dhushak
yukhalapi sarva bhakshi bhavishyat jano maum 25
vina kaul cha pashav-thosha bhakshava matha maum
muslanav sanskar kushariv bhavishyat 26
tasman-musal-vanto hi jathiyo dharma dhushika
ithi pishacha-dharma mya kruth 27